आज डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर यह सवाल फिर चर्चा में है कि अगर उनके सुझावों को समय रहते लागू किया जाता, तो क्या 1947 के दंगे टाले जा सकते थे। अंबेडकर ने अपनी किताब में स्पष्ट रूप से चेताया था कि हिंदू-मुस्लिम तनाव गहरा और जटिल है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है।
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क्या बीआर अंबेडकर की सलाह मान ली जाती तो 1947 के दंगे नहीं होते? पाकिस्तान को लेकर क्या थी उनकी सोच
April 13, 2026